उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड, मैदानी इलाकों में कोहरे का असर

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उत्तराखंड में सर्दी ने पूरे जोर पकड़ लिया है। पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी जिलों तक ठंड का असर साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। राजधानी देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी क्षेत्रों में ठंडी हवाओं और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। सुबह और शाम के समय सड़कों पर दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है।
कुमाऊं क्षेत्र के शहरों में भी ठंड लगातार बढ़ रही है। हल्द्वानी, काशीपुर और रुद्रपुर में दिन के समय धूप निकलने के बावजूद ठिठुरन बनी हुई है। लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं और खुले इलाकों में आवाजाही कम हो गई है।
हिल स्टेशनों में बढ़ी ठंड, बर्फबारी का इंतजार
उत्तराखंड के प्रसिद्ध हिल स्टेशनों में ठंड का असर और ज्यादा है। मसूरी, चकराता और धनौल्टी जैसे पर्यटन स्थलों पर सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। पर्यटक और स्थानीय लोग बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि बर्फ गिरते ही इन इलाकों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। होटल और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को भी बर्फबारी की उम्मीद में लगातार पूछताछ मिल रही है।
उत्तरकाशी जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में हालात और सख्त हैं। हर्षिल जैसे क्षेत्रों में जमा देने वाली ठंड पड़ रही है। यहां ठंड के चलते कई जगहों पर पानी के स्रोत और छोटी नदियां जमने लगी हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
चोपता, ऋषिकेश और गैरसैंण में सर्द मौसम
गढ़वाल मंडल के पर्यटन स्थल चोपता में भी कड़ाके की ठंड है। आध्यात्मिक नगरी ऋषिकेश में मौसम सुहावना जरूर है, लेकिन सुबह-शाम ठंड का असर साफ महसूस किया जा रहा है। राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में भी ठिठुरन बढ़ गई है, हालांकि यहां का मौसम पर्यटन के लिहाज से अनुकूल माना जा रहा है।
नैनीताल से मुनस्यारी तक सर्दी का असर
कुमाऊं मंडल के प्रमुख पर्यटन स्थलों नैनीताल, मुक्तेश्वर, रानीखेत और कौसानी में ठंड ने लोगों को अलाव और हीटर का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया है। पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी और धारचूला जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्दी अपने चरम पर है, जहां ठंड के कारण सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
कोहरे ने बढ़ाई परेशानी
मैदानी इलाकों में घना कोहरा लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। हरिद्वार, रुड़की और उधम सिंह नगर में सुबह से शाम तक कोहरे की चादर छाई रही। हर की पैड़ी क्षेत्र में भी गंगा और आसपास के मंदिर धुंध में लिपटे नजर आए। कोहरे के कारण श्रद्धालुओं और वाहन चालकों को खासा सतर्क रहना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक मैदानी इलाकों में कोहरे का असर बना रह सकता है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। प्रशासन और परिवहन विभाग ने लोगों से अपील की है कि कोहरे और ठंड के दौरान यात्रा करते समय पूरी सावधानी बरतें।
फिलहाल, उत्तराखंड में सर्दी का असर लगातार बढ़ रहा है और पहाड़ों में बर्फबारी का इंतजार कर रहे पर्यटकों की निगाहें मौसम की अगली करवट पर टिकी हुई हैं।
