अधिक चाय पीना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी, बढ़ सकता कैंसर का जोखिम

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Tea and healt

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चाय भारतीय जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा होने के बावजूद, विशेषज्ञों और शोधों ने चेतावनी दी है कि दिन में चार से अधिक कप चाय का सेवन सेहत पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकता है। वैश्विक स्वास्थ्य रिपोर्ट्स और भारतीय चिकित्सीय सलाहकारों के अनुसार, चाय में मौजूद कैफीन और टैनिन सीमित मात्रा में फायदेमंद होते हैं, लेकिन जब इनकी मात्रा अधिक हो जाती है तो यह कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकते हैं।

दुनिया भर के अध्ययनों के अनुसार, चाय में पाए जाने वाले कैफीन और टैनिन शरीर पर मिश्रित असर डालते हैं। जब चाय का सेवन तीन-चार कप से अधिक हो जाता है तो यह दिल की धड़कन तेज़, बेचैनी, अनिद्रा और तनाव जैसी शारीरिक प्रतिक्रियाओं को बढ़ा सकता है।

टैनिन, जो चाय की पत्तियों में प्राकृतिक रूप से मौजूद होते हैं, आयरन के अवशोषण को बाधित कर सकते हैं जिससे आयरन की कमी और एनीमिया जैसी समस्याएँ होने का खतरा बढ़ सकता है।

अधिक चाय का सेवन पेट में एसिड का स्तर बढ़ा सकता है, जिससे एसिडिटी, गैस, पेट की जलन और अपच जैसी समस्याएं आम हो सकती हैं। खासकर खाली पेट चाय पीने से इन दिक्कतों का जोखिम और अधिक बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चाय की तेज़ एसिडिक प्रकृति कुछ लोगों में हार्टबर्न और डिहाइड्रेशन जैसी स्थितियाँ पैदा कर सकती है, क्योंकि कैफीन एक प्राकृतिक डाययूरेटिक की तरह काम करता है।

चाय का अत्यधिक सेवन नींद पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है और इसके कारण व्यक्ति में परेशानी, बेचैनी और नींद न आने की समस्या हो सकती है। Studies के अनुसार कैफीन मेलाटोनिन पर प्रभाव डालता है, जो नींद को नियंत्रित करता है, जिससे निद्रा की गुणवत्ता गिर सकती है।

एक्सपर्ट रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि चाय का सेवन डिटॉक्स या स्लिमिंग टीज़ के रूप में किया जाए तो भी यह शरीर में पानी की कमी और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का कारण बन सकता है।

चाय के नियमित और अत्यधिक सेवन से दांतों पर स्टेनिंग (दांतों का पीला पड़ना) हो सकता है, क्योंकि टैनिन दांतों को रंग देता है। वहीं, कुछ अध्ययनों में यह भी बताया गया है कि चाय में मौजूद फ्लोराइड हड्डियों पर प्रभाव डाल सकता है और अत्यधिक सेवन के मामले में हड्डियों को नुकसान पहुँचा सकता है।

कई स्वास्थ्य शोधों का संकेत है कि बहुत गर्म चाय लंबे समय तक लगातार पीने से एसोफेजियल (ग्रासनली) कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। खासकर सुबह खाली पेट बहुत गर्म पेय पदार्थ पीने से खाने की नली की कोशिकाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह संबंध सामान्य चाय के सेवन से नहीं बल्कि गर्म तापमान पर निरंतर चाय पीने से जुड़ा हुआ पाया गया है।

डॉक्टर और पोषण विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि –
चाय का सेवन दिन में 2-4 कप तक सीमित रखें
खाने के साथ नहीं बल्कि बीच-बीच में चाय पिएं ताकि आयरन अवशोषण प्रभावित न हो
खाली पेट चाय पीना टालें
अगर आपको एसिडिटी, अनिद्रा या बेचैनी जैसी समस्याएँ हैं तो अपने चाय के सेवन को और नियंत्रित करें
बच्चों, गर्भवती महिलाओं, और पहले से स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

चाय, जब संतुलित मात्रा में पी जाए, तो यह स्वास्थ्य के लिए कई लाभ भी पहुंचा सकती है, जैसे कि एंटीऑक्सिडेंट गुण, मानसिक सतर्कता और कुछ रोगों का जोखिम कम करना।


लेकिन अत्यधिक सेवन (4 से अधिक कप) स्वास्थ्य जोखिमों को भी बढ़ा सकता है — इसमें पेट, नींद, आयरन अवशोषण, दांत और संभावित कैंसर जोखिम शामिल हैं।

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