गए थे नमाज छुड़ाने और…. केंद्रीय मंत्री ने संसद में कहा हरिद्वार कुंभ को लेकर राज्य सरकार का कोई प्रस्ताव नहीं मिला

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इसे कहते हैं नमाज छुड़ाने गए थे और रोजे गले पड़ गएउत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने हरिद्वार कुंभ को लेकर संसद संसद में जब सवाल लगाया तो उन्होंने सोचा होगा कि केंद्र सरकार तैयारियों को लेकर जो जवाब देगी, उसको वो अपने पक्ष में भुनाएंगे।

लेकिन केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र शेखावत ने जो जवाब दिया, उसके बाद उत्तराखंड सरकार की तैयारियों पर ही सवाल उठने लगे हैं। शेखावत ने स्पष्ट कहा कि उत्तराखंड सरकार की तरफ से केंद्र सरकार को कोई “प्रस्ताव ही नहीं आया”

केंद्री मंत्री शेखावत ने गुरुवार को राज्यसभा में सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भट्ट द्वारा हरिद्वार में होने वाले आगामी महाकुंभ की तैयारी से संबंधित पूछे गए लिखित प्रश्न के जवाब में यह उत्तर दिया।

शेखावत ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में मेलों और महोत्सवों के संवर्धन हेतु राज्य सरकारों/संघ राज्यक्षेत्र प्रशासनों को घरेलू प्रचार और आतिथ्य (DPPH ) योजना के दिशा-निर्देशों के तहत प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

शेखावत ने संसद को जानकारी दी कि मंत्रालय को अभी तक उत्तराखंड के हरिद्वार में होने वाले महाकुंभ के लिए राज्य सरकार से उक्त योजना के तहत कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।

भाजपा अध्यक्ष ने राज्य सभा में लिखित सवाल लगाया था कि कि क्या हरिद्वार में आगामी महा कुंभ के लिए केंद्र सरकार की कोई कार्य-योजना (action plan) विचाराधीन है? यदि हाँ, तो उसकी रूपरेखा/विवरण क्या है?

भट्ट के सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने साफ कहा कि पर्यटन मंत्रालय राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को मेले-त्योहारों के प्रचार-प्रसार और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए Domestic Promotion and Hospitality स्कीम के तहत वित्तीय सहायता देता है। यह सहायता राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर दी जाती है।

परंतु, उनके मंत्रालय को अब तक उत्तराखंड राज्य सरकार से हरिद्वार महा कुंभ के लिए कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। इसलिए वर्तमान में पर्यटन मंत्रालय की ओर से हरिद्वार कुंभ के लिए कोई विशेष कार्य-योजना या फंडिंग विचाराधीन नहीं है।

केंद्र सरकार ने प्रस्ताव ही नहीं आया, कह कर उत्तराखंड सरकार की लापरवाही को उजागर कर दिया। महा कुंभ सिर्फ 13 महीने दूर (जनवरी–अप्रैल 2027) है। दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन होने वाला है। फिर भी राज्य सरकार ने अभी तक केंद्र के पर्यटन मंत्रालय को कोई ठोस प्रस्ताव नहीं भेजा।

उत्तराखंड में भी भाजपा की ही सरकार है, केंद्रीय मंत्री का यह जवाब अप्रत्यक्ष रूप से राज्य सरकार को झटका है कि – तैयारी में देरी कर रहे हो, प्रस्ताव तक नहीं भेजा।

जबकि, उत्तराखंड सरकार की ओर से लगातार कुंभ की तैयारियां को लेकर मेला क्षेत्र विस्तार, घाट, सड़कें, अस्थायी शहर आदि तमाम व्यवस्थाओं को लेकर समय- समय पर मीडिया के माध्यम से कई दावे किए जाते हैं। मगर केंद्रीय पर्यटन मंत्री द्वारा संसद में दिए गए इस जवाब से सब हैरान हैं।

इस समाचार को लेकर यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री के इस जवाब को भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) द्वारा उत्तराखंड की मीडिया के लिए भी जारी किया गया। PIB ने अपने ”X” हैंडल पर भी जारी किया है।

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