अंकिता भंडारी हत्याकांड : भाजपा नेता ने फोड़ा फेसबुक ‘बम’, सोशल मीडिया में जमकर हो रही तारीफ

उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड प्रकरण लगातार राजनीतिक तापमान बढ़ाता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस प्रकरण को शांत करने के लिए प्रयासरत है, जबकि कांग्रेस सहित विपक्षी दल और विभिन्न संगठन भाजपा पर लगातार हमलावर हैं।
इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता और श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय की फेसबुक पोस्ट ने पार्टी के भीतर और राजनीतिक गलियारों में व्यापक हलचल पैदा कर दी है।
अजेंद्र अजय ने क्या कहा?
अपनी पोस्ट में अजेंद्र अजय ने कहा – उत्तराखंड में अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर उत्पन्न वर्तमान वातावरण अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। पक्ष-विपक्ष दोनों ओर से कई तथ्य और बयानबाजी सामने आ रही है, जिससे प्रदेश की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जनमानस में किसी भी प्रकार की शंका-आशंका दूर करने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई, जिसमें CBI जांच भी शामिल है, तुरंत की जानी चाहिए।
अंकिता प्रकरण में दोषारोपित अपने पद से दें इस्तीफा
अजेंद्र ने यह भी कहा कि – मेरा यह भी सुझाव है कि इस प्रकरण में जो भी नेता दोषारोपित किए गए हैं, उनको पार्टी हित और जन विश्वास कायम रखने के लिए नैतिकता के आधार पर अपने पद से त्याग- पत्र देना चाहिए। उन्हें स्वयं यह घोषणा करनी चाहिए कि वे अपने को निर्दोष साबित करेंगे और तत्पश्चात पार्टी में कोई पद स्वीकार करेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष को दी नसीहत
अजेंद्र ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को भी सलाह दी कि प्रत्येक मामले में व्यक्तिगत रूप से प्रतिक्रिया देना आवश्यक नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी का पक्ष रखने के लिए प्रवक्ताओं की व्यवस्था पहले से मौजूद है।

जाति आधारित बयानों पर आपत्ति
अजेंद्र ने अप्रत्यक्ष रूप से प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट द्वारा दिए गए जाति संबंधी बयानों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान न केवल पार्टी के लिए हानिकारक हैं, बल्कि प्रदेश के सामाजिक ताने-बाने को भी नुकसान पहुँचा रहे हैं। “राजनीति अपनी जगह है, सामाजिक सौहार्द अपनी जगह,” उन्होंने जोर देकर कहा।
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी प्रकरण में दुष्यंत गौतम का नाम उछाले जाने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समेत कुछ नेताओं ने बयान दिया था कि गौतम दलित समाज से हैं और कांग्रेस पार्टी दलित समाज को अपमानित करने के लिए गौतम को निशाना बना रही है। भाजपा नेताओं के इस प्रकार के बयानों के बाद सोशल मीडिया में जातिवाद को लेकर एक नया मुद्दा उभर आया है।
कांग्रेस पर भी निशाना
अजेंद्र ने कांग्रेस पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस को अंकिता भंडारी के न्याय के लिए इतनी देर से क्यों याद आया ? उन्होंने इसे चुनावी लाभ के लिए प्रकरण को भुनाने का प्रयास करार दिया।
सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल, मिल रही तारीफ
अजेंद्र की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। मीडिया और सोशल मीडिया पर अजेंद्र द्वारा उठाए गए मुद्दों पर खूब चर्चा हो रही है। यूज़र्स भाजपा नेता अजेंद्र की जमकर तारीफ़ कर रहे हैं। यूजर्स उन्हें साहसिक और जनभावनाओं को महसूस करने वाला नेता बता रहे हैं।
कौन हैं अजेंद्र अजय ?
अजेंद्र भाजपा के पुराने, समर्पित और स्वच्छ छवि वाले नेताओं में गिने जाते हैं। वे बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुधार किए। केदारनाथ आपदा के बाद पीड़ितों के पुनर्वास और मुआवजे के लिए उन्होंने लगातार संघर्ष किया और जनहित याचिका भी दायर की। उत्तराखंड में ‘लैंड जिहाद’ और डेमोग्राफिक बदलाव के मुद्दे को सबसे पहले उन्होंने ही प्रमुखता से उठाया था।
पार्टी के भीतर से बढ़ रही CBI जांच की मांग
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विजय बड़थ्वाल सहित कई भाजपा नेताओं ने CBI जांच की मांग की थी। अब अजेंद्र के बयान के साथ पार्टी के भीतर से यह आवाज और तेज हो गई है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर हालिया विवाद भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उनकी पत्नी होने का दावा करने वाली उर्मिला सनावर के वायरल ऑडियो-वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें भाजपा प्रभारी दुष्यंत गौतम व प्रदेश संगठन मंत्री अजेय कुमार का नाम जोड़ा गया। दुष्यंत गौतम ने इसे साजिश करार देते हुए सामग्री हटाने और कार्रवाई की मांग की है।
