वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार: UMEED पोर्टल पर 5.17 लाख संपत्तियों का पंजीकरण पूरा

देशभर की वक्फ संपत्तियों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा विकसित UMEED पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी हो चुकी है। छह महीने में लॉन्च किए गए इस पोर्टल पर कुल 5.17 लाख वक्फ संपत्तियाँ दर्ज हुई हैं, जिनमें से 2.16 लाख संपत्तियों को औपचारिक मंजूरी भी मिल गई है। यह जानकारी केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने अपने नवीनतम आंकड़ों में जारी की है।
UMEED (Unified Waqf Management, Empowerment, Efficiency & Development) पोर्टल का उद्घाटन 6 जून 2025 को अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरें रिजिजू ने किया था। इसका उद्देश्य देशभर की वक्फ संपत्तियों को डिजिटल रूप में एकीकृत कर पारदर्शी और कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करना था। मंत्रालय के अनुसार, निर्धारित छह महीने की समयसीमा 6 दिसंबर 2025 की मध्यरात्रि को समाप्त हो गई। इस अवधि के दौरान 10,869 संपत्तियाँ सत्यापन में अस्वीकार कर दी गईं।
अंतिम सप्ताह में तेज हुई पंजीकरण प्रक्रिया
समयसीमा के अंतिम दिनों में पंजीकरण की गति में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। संपत्तियों के सुगम पंजीकरण के लिए केंद्र सरकार ने कई समीक्षा बैठकें, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रशिक्षण सत्र, वर्कशॉप और विशेषज्ञ परामर्श आयोजित किए।
दिल्ली में वक्फ बोर्डों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें पोर्टल पर डेटा अपलोड करने की तकनीकी प्रक्रिया समझाई गई। इस दौरान हेल्पलाइन और सपोर्ट टीम भी लगातार सक्रिय रहीं।
किस राज्य से कितनी संपत्तियाँ दर्ज हुईं
मंत्रालय के अनुसार, सबसे अधिक पंजीकरण उत्तर प्रदेश से हुए हैं—
- कुल: 92,830 संपत्तियाँ
- सुन्नी वक्फ संपत्तियाँ: 86,345
- शिया वक्फ संपत्तियाँ: 6,485
इसके बाद अन्य राज्यों से पंजीकृत संपत्तियों की संख्या:
- महाराष्ट्र — 62,939
- कर्नाटक — 58,328
- पश्चिम बंगाल — 23,086
समयसीमा नहीं बढ़ेगी, आंशिक आवेदनों को तीन महीने की राहत
पंजीकरण अवधि बढ़ाने की मांग पर मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट कहा कि समयसीमा में कोई विस्तार नहीं किया जाएगा, क्योंकि इससे पोर्टल की पारदर्शिता और उद्देश्य प्रभावित हो सकता है।
हालाँकि, जिन आवेदकों ने पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी थी लेकिन दस्तावेज़ अपलोड पूरा नहीं कर पाए, उन्हें तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है।
वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाने का लक्ष्य
सरकार का कहना है कि UMEED पोर्टल वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराकर उनके प्रबंधन, निगरानी और विकास कार्यों में पारदर्शिता लाएगा।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय का दावा है कि यह पहल देशभर में वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, उपयोगिता और प्रशासनिक दक्षता को नई दिशा देगी।
