देहरादून नारी निकेतन में संवासिनी की आत्महत्या प्रकरण : प्रदेश सरकार आई हरकत में

naari-niketan-dehradun

राजधानी देहरादून के केदारपुर स्थित राजकीय नारी निकेतन में एक संवासिनी की आत्महत्या के बाद प्रदेश सरकार हरकत में आ गई है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नारी निकेतन पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत पूछताछ की।

मंत्री ने नारी निकेतन की अधीक्षिका, कर्मचारियों और शव बरामद करने वाली चौकीदार से घटना के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर के सभी हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, उनकी नियमित लाइव मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री रेखा आर्या ने मौके से ही एसएसपी देहरादून से फोन पर बात कर पुलिस जांच की प्रगति की जानकारी ली और जांच को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

28 मार्च को केदारपुर स्थित राजकीय नारी निकेतन में एक 35 वर्षीय संवासिनी मृत अवस्था में पाई गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला ने कथित रूप से सीढ़ियों की रेलिंग से फांसी लगाकर आत्महत्या की।

बताया जा रहा है कि महिला मूल रूप से बिहार की रहने वाली थी और पिछले छह महीने से नारी निकेतन में रह रही थी। वह मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपचार भी ले रही थी।

जानकारी के अनुसार, 27 मार्च की रात करीब 11 बजे तक वह अपने बिस्तर पर सोती हुई देखी गई थी, लेकिन तड़के करीब 3 बजे वह सीढ़ियों की रेलिंग पर मृत मिली। घटना के बाद नारी निकेतन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामले के सामने आने के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल भी नारी निकेतन पहुंचीं और घटना की जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारी को पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।

इस घटना के बाद मंत्री रेखा आर्या ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी नारी निकेतनों में स्वास्थ्य विभाग को सक्रिय रूप से जोड़ा जाए।

इसके साथ ही मानसिक रूप से अस्वस्थ संवासिनियों की बेहतर देखभाल के लिए मनोचिकित्सकों की नियुक्ति का प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

“भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू की जाएगी। जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।”

— रेखा आर्या, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री