उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले फिर गरमाया अंकिता हत्याकांड: सोशल मीडिया के तूफान से सियासत में उबाल

0
ankita_bhandari

उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले एक बार फिर बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। मुख्यधारा का मीडिया भले ही इस मामले में शांत व संयमित रुख अपनाए हुए दिखाई दे रहा हो, लेकिन सोशल मीडिया पर उठे तूफान ने सत्तारूढ़ भाजपा की बेचैनी बढ़ा दी है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को संजीवनी प्रदान कर दी है।

कांग्रेस के अलावा क्षेत्रीय पार्टी उत्तराखंड क्रांति दल, आम आदमी पार्टी, स्वाभिमान मोर्चा, उत्तराखंड महिला मंच आदि समेत कई संगठनों ने आंदोलनात्मक रूख अख्तियार कर लिया है। प्रदेश के तमाम स्थानों पर धरना – प्रदर्शन और पुतले फूंक कर अंकिता हत्याकांड की CBI जांच की मांग की जा रही है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर अंकिता भंडारी हत्याकांड लगातार ट्रेंड कर रहा है। फेसबुक, यूट्यूब, “X” वायरल हो रहे वीडियो, पोस्ट ने इस मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

"X" पर ट्रेंड
“X” पर ट्रेंड

मामले में ताजा उबाल उस वक्त आया, जब उर्मिला सनावर का एक वीडियो सामने आया, जिसमें कथित तौर पर अंकिता भंडारी मामले में ‘वीआईपी’ के तौर पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम और प्रदेश भाजपा के संगठन मंत्री अजेय कुमार जिक्र किया गया है।

इस बीच कांग्रेस ने इस मुद्दे को पूरी ताकत से उठाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनवरी के पहले सप्ताह से इस मुद्दे पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि शुरू से ही इस मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की गई और अब जब नए सवाल खड़े हो रहे हैं, तो सच्चाई को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी अपने फेसबुक लाइव के माध्यम से इस मामले को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड ने देवभूमि उत्तराखंड की छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया है। रावत ने धामी सरकार से मांग की कि कैबिनेट की बैठक बुलाकर मामले की पुनः जांच (री-इन्वेस्टिगेशन) का प्रस्ताव पारित किया जाए और जांच सीबीआई को सौंपी जाए।

वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक लाभ के लिए बार-बार हवा दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक ऐसी महिला को मोहरा बना रही है, जिसका न तो भाजपा से और न ही कांग्रेस से कोई सीधा संबंध है।

महेंद्र भट्ट ने यह भी कहा कि अदालत में सुनवाई के दौरान कांग्रेस कोई ठोस प्रमाण पेश करने में असफल रही है और अब सोशल मीडिया व वीडियो के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अंकिता की मृत्यु के बाद बार-बार उसकी आत्मा को ठेस पहुंचाने का काम किया है।

कथित वीडियो-ऑडियो वायरल होने के बाद भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम ने उत्तराखंड सरकार के गृह सचिव शैलेश बगोली को पत्र लिखकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और न्यूज चैनलों से ऐसे कंटेंट हटाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाए जा रहे हैं और उन्होंने मानहानि की कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है।

उर्मिला सनावर ने खुद को हरिद्वार के ज्वालापुर से भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताया है। इससे पहले भी उनके कई वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिनमें उन्होंने सुरेश राठौर पर यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।

इस बीच सुरेश राठौर ने दावा किया है कि एआई (AI) का इस्तेमाल कर उनकी आवाज से छेड़छाड़ कर ऑडियो वायरल किए गए हैं, जिनका मकसद उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाना है। इस संबंध में उन्होंने ज्वालापुर थाने में मामला दर्ज कराया है।

उर्मिला द्वारा जारी ऑडियो -वीडियो में अंकिता हत्याकांड में कथित VIP के रूप में गौतम के अलावा RSS प्रचारक व भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री अजेय कुमार का नाम भी उछला है। अजेय कुमार का नाम हत्याकांड के शुरूआती समय में भी तब चर्चाओं में आया था, जब अंकिता के माता- पिता ने लिखित और सार्वजनिक रूप से उनका नाम लिया था। दुष्यंत गौतम का नाम उछलने पर उन्होंने प्रदेश के गृह सचिव को पत्र लिखने से लेकर मीडिया के माध्यम से भी अपना पक्ष रखा। मगर अजेय कुमार ने शुरू से ही चुप्पी साधी राखी है।

अजेय कुमार का नाम तब भी काफी चर्चाओं में रहा था, जब उत्तराखंड विधानसभा में बैकडोर नियुक्ति का मामला उठा था। तब RSS के तत्कालीन प्रांत प्रचारक युद्धवीर सिंह, सह प्रचारक देवेंद्र सिंह, अजेय कुमार सहित कई प्रभावशाली लोगों पर विधानसभा में अपने चहेतों को नियुक्ति दिलाने के आरोप लगे थे। भारी बबाल के बीच बैकडोर नियुक्तियों को निरस्त कर दिया गया था। प्रचारकों पर लगे आरोपों के बाद RSS ने अपने प्रान्त प्रचारक समेत अन्य प्रचारकों का उत्तराखंड से तबादला कर दिया। उस समय अजेय कुमार के हटने की भी चर्चा गरम रही। मगर भाजपा सूत्र बताते हैं कि उन पर RSS से भाजपा में गए एक राष्ट्रीय नेता का वरदहस्त है। इसलिए लंबे समय से अजेय कुमार के संगठन मंत्री पद से हटने की चर्चाएं हर बार चर्चा तक ही सीमित रह जाती हैं।

अंकिता के पिता द्वारा DM को लिखा पत्र
अंकिता के पिता द्वारा DM को लिखा पत्र (स्रोत – सोशल मीडिया)

वायरल वीडियो और ऑडियो क्लिप के विवाद के बाद देहरादून और हरिद्वार में पुलिस ने कई मुकदमे दर्ज कर मामले को कानूनी मोड़ दे दिया है। देहरादून के नेहरू कालोनी थाना में सोशल मीडिया पर झूठी अफवाहें फैलाने, अश्लील सामग्री पोस्ट करने और भाजपा नेताओं की छवि खराब करने के आरोप में उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। हरिद्वार में भी उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ अलग- अलग मुकदमे दर्ज हो गए गए हैं।

ऋषिकेश के पास स्थित वंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी 18 सितंबर 2022 को अचानक लापता हो गई थी। पांच दिन बाद, 24 सितंबर को, उसका शव चीला नहर से बरामद हुआ। यह रिजॉर्ट भाजपा सरकार में दर्जाप्राप्त राज्यमंत्री रहे विनोद आर्य के पुत्र पुलकित आर्य का था।

जांच में सामने आया कि रिजॉर्ट में काम के दौरान अंकिता पर कथित तौर पर ‘वीआईपी’ को ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने का दबाव बनाया गया था, जिसे उसने साफ इनकार कर दिया था। इसी विवाद के बाद पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर के साथ मिलकर अंकिता की हत्या कर दी और शव को नहर में फेंक दिया।

इस मामले में निचली अदालत ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और वे वर्तमान में जेल में हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *