धन के लिए दो धनुली देवी : असली धनुली कौन ? हाईकोर्ट ने रद्द किया भरण-पोषण आदेश

Uttarakhand : उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने धनुली देवी बनाम खड़क सिंह मामले में परिवार न्यायालय का भरण-पोषण आदेश रद्द कर दिया और मामला पुनः सुनवाई के लिए भेज दिया। न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की पीठ ने निर्देश दिया कि दोनों पक्षों को अपने साक्ष्य प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाए।
मामले की संवेदनशीलता इसलिए है कि रिकॉर्ड में दो ‘धनुली देवी’ सामने आईं — एक के बारे में दावा है कि उसकी 2010 में मृत्यु हो चुकी थी, जबकि दूसरी महिला खुद को याची (वादी) की पत्नी बताकर हाईकोर्ट में हाज़िर हुई।
याची खड़क सिंह ने परिवार न्यायालय के निर्णय को चुनौती दी थी और कहा कि उनकी असल पत्नी 2010 में मर चुकी है। दूसरी ओर अदालत में उपस्थित महिला का नाम कमला देवी बताया है, जो पहले याची के घर में मेड थी और पेंशन-धन के लिए ‘धनुली देवी’ बनकर उसकी पत्नी होने का दावा कर रही है।
हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि इतना जटिल और तथ्यात्मक मुददा दस्तावेजी साक्ष्य से ही स्पष्ट हो सकता है, जबकि फैमिली कोर्ट ने मामले की गहन जांच नहीं की। इसलिए दोनों पक्षों को विस्तृत तरीके से सुनने और कागजी साक्ष्य की पड़ताल करने के लिए मामला वापस भेजा गया।
