देश में खाद्यान्न उत्पादन में ऐतिहासिक वृद्धि, कृषि क्षेत्र ने जोड़े नई सफलता के अध्याय

देश के कृषि क्षेत्र ने वर्ष 2024-25 में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए खाद्यान्न उत्पादन के सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह ने मंगलवार को अंतिम फसल उत्पादन अनुमान जारी करते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में हुई तेजी से प्रगति का परिणाम है। उन्होंने रिकॉर्ड उत्पादन के लिए किसानों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बीते दस वर्षों में खाद्यान्न उत्पादन में अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2015-16 में 251.54 मिलियन टन रहा खाद्यान्न उत्पादन अब 106 मिलियन टन की बढ़ोतरी के साथ 357.73 मिलियन टन तक पहुँच गया है।
चावल और गेहूं उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
अंतिम अनुमान के अनुसार, चावल उत्पादन बढ़कर 1501.84 लाख टन हो गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 123.59 लाख टन अधिक है। इसी तरह गेहूं उत्पादन भी बढ़कर 1179.45 लाख टन हो गया, जो पिछले वर्ष से 46.53 लाख टन अधिक है।
मक्का और श्री अन्न के उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मक्का उत्पादन 434.09 लाख टन और श्री अन्न (मिलेट्स) का उत्पादन 185.92 लाख टन अनुमानित है, जो पिछले वर्ष क्रमशः 376.65 लाख टन और 175.72 लाख टन था।
दलहन–तिलहन उत्पादन में उत्साहजनक वृद्धि
कृषि मंत्री ने दलहन और तिलहन उत्पादन में वृद्धि को अत्यंत उत्साहजनक बताते हुए कहा कि वर्ष 2024-25 के दौरान देश में कुल तिलहन उत्पादन बढ़कर 429.89 लाख टन होने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 33.20 लाख टन अधिक है। तिलहन फसलों में मूंगफली और सोयाबीन के उत्पादन में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। मूंगफली उत्पादन बढ़कर 119.42 लाख टन हो गया है, जो पिछले वर्ष से 17.62 लाख टन अधिक है। सोयाबीन उत्पादन 152.68 लाख टन अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22.06 लाख टन की वृद्धि दर्शाता है। इसके अलावा, रेपसीड और सरसों का उत्पादन भी 126.67 लाख टन अनुमानित है।
कुल मिलाकर, वर्ष 2024-25 देश के कृषि क्षेत्र के लिए नए कीर्तिमानों का वर्ष साबित हुआ है, जिसमें खाद्यान्न, दलहन और तिलहन—सभी प्रमुख श्रेणियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
