सिस्टम से हारे सुखवंत का दर्दनाक अंत, किसान ने होटल में खुद को गोली मार ली

मुख्यमंत्री ने दिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
उत्तराखंड के उधमसिंह नगर के एक किसान द्वारा आत्महत्या की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जमीन विवाद और कथित रजिस्ट्री घोटाले से परेशान किसान सुखवंत सिंह ने हल्द्वानी के एक होटल में खुद को गोली मारकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस मामले ने एक बार फिर भूमि माफिया और रजिस्ट्री सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दर-दर की ठोकरें, फिर मौत को लगाया गले
जानकारी के अनुसार, सुखवंत सिंह पिछले कई महीनों से अपनी जमीन से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में न्याय के लिए भटक रहा था। आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलरों ने उससे करीब 3 करोड़ 80 लाख रुपये लेकर 50 नाली जमीन की रजिस्ट्री कराई, लेकिन बाद में उसी जमीन की रजिस्ट्री किसी और के नाम कर दी गई।
पीड़ित किसान बार-बार अधिकारियों, पुलिस और प्रशासन के चक्कर काटता रहा, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मानसिक तनाव में आकर उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो और सुसाइड नोट पोस्ट कर अपनी पीड़ा बताई और फिर होटल में जाकर खुद को गोली मार ली।
सुसाइड नोट और वीडियो में लगाए गंभीर आरोप
सुखवंत सिंह ने अपने सुसाइड नोट और वीडियो में कई प्रॉपर्टी डीलरों और कथित अधिकारियों पर जमीन हड़पने, धोखाधड़ी और उसे बदनाम करने के आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि सिस्टम की लापरवाही और भ्रष्टाचार ने उसे इस कदम के लिए मजबूर किया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सुखवंत सिंह किसान परिवार से थे। उनके पिता तेजा सिंह खेती करते हैं। परिवार के अनुसार, सुखवंत ने अपनी बेटी की शादी और भविष्य के लिए जमीन बेची थी, लेकिन धोखाधड़ी ने पूरे परिवार को बर्बादी की कगार पर ला खड़ा किया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेटी जांच और विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। जिन लोगों के नाम सुसाइड नोट में सामने आए हैं, उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।
प्रशासन और सिस्टम पर बड़ा सवाल
यह मामला उत्तराखंड में जमीन रजिस्ट्री सिस्टम और प्रॉपर्टी डीलरों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अगर समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई होती, तो शायद एक किसान की जान बचाई जा सकती थी।
