हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़, महिला हिस्ट्रीशीटर समेत तीन गिरफ्तार

Honey trap

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उत्तराखंड पुलिस (Uttarakhand Police)ने सोशल मीडिया के जरिए रईसजादों को हनी ट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। उधम सिंह नगर पुलिस ने इस मामले में एक महिला हिस्ट्रीशीटर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के खिलाफ गदरपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है। पूरे प्रकरण का खुलासा उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मणिकांत मिश्रा ने किया।

एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि गदरपुर थाना क्षेत्र में यूपी के रामपुर जिले निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित के अनुसार, फेसबुक पर उसे जूमेरा खान नाम की आईडी से मैसेज आया। बातचीत के दौरान महिला ने खुद को गदरपुर स्थित एक महिंद्रा एजेंसी में काम करने वाली बताते हुए किराए के मकान में रहने की जानकारी दी।

पीड़ित के मुताबिक महिला ने अपना असली नाम जौहर उर्फ महक बताया। इसके बाद दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत शुरू हो गई। महिला ने कई बार गदरपुर मिलने के लिए बुलाया, लेकिन पीड़ित ने मना कर दिया।

25 जनवरी को जब पीड़ित अपने रिश्तेदार के घर लम्बाखेड़ा (रुद्रपुर) आया, तब जौहर ने उसे सकैनिया क्षेत्र में मिलने के लिए बुलाया। आरोप है कि वहां मुलाकात के बाद महिला पीड़ित को बाबू नामक व्यक्ति के घर ले गई।

पीड़ित के अनुसार, घर के भीतर पहले से एक अन्य युवती मौजूद थी, जिसने अपना नाम राबिया बताया। बातचीत के दौरान अचानक तीन युवक कमरे में घुस आए और पीड़ित पर छेड़छाड़ के झूठे आरोप लगाते हुए गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने लगे।

आरोप है कि आरोपियों ने पीड़ित को डराकर 40 हजार रुपये नकद और 95 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। साथ ही धमकी दी कि शिकायत करने पर अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे।

घटना के बाद आरोपी UP-22 BA 4232 नंबर की कार से फरार हो गए। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे अहम सुराग मिले।

पुलिस ने 26 जनवरी को कार्रवाई करते हुए जौहर उर्फ महक,पुत्री हबीब खान, निवासी चादर बाला बाग मोहल्ला, जिला अस्पताल रोड, रामपुर (यूपी), राबिया, पुत्री लईक अहमद, निवासी राजद्वारा कोने वाली गली, कोतवाली रामपुर, रोहन (निवासी स्वार गेट, मुड़िया नदार बाग, रामपुर, यूपी) को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार और रंगदारी की रकम भी बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उनका गैंग 10-12 सदस्यों का है, जिसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं।

गैंग सोशल मीडिया पर अमीर युवकों को चिन्हित कर महिलाओं के जरिए दोस्ती करता है। इसके बाद उन्हें अलग-अलग शहरों में बुलाकर रंगदारी वसूली जाती है। रकम न देने पर फर्जी दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है।

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह में शामिल अन्य आरोपी दीपक, राहुल और शिवम उर्फ हैप्पी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। साथ ही गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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