देहरादून बार विवाद गरमाया, पुलिस अफसर की भूमिका पर सवाल, कार्रवाई की मांग

romeo-lane-dehradun

राजधानी देहरादून में शनिवार देर रात एक बार में हुई कार्रवाई को लेकर पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। राजपुर रोड स्थित रोमियो लेन बार में निर्धारित समय सीमा के बाद भी संचालन और वहां एक आईजी स्तर के अधिकारी की मौजूदगी ने मामला गरमा दिया है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 12:30 बजे तक बार में संगीत और पार्टी जारी थी। जानकारी मिलने पर एसपी सिटी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान एक आईजी की बार में मौजूदगी से पुलिस टीम असहज हो गई।

आईजी अपने दोस्तों के साथ वहां पार्टी कर रहे थे। एसपी सिटी ने बार खाली कराना चाहा तो आईजी ने उन्हें रौब दिखाया। इसके बाद मामला एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल तक पहुंचा और वो खुद मौके पर पहुंचे। एसएसपी की सख्ती के बाद बार बंद कराया गया।

हाल ही में शहर में बार-पब संचालन को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। विगत 30 मार्च को ब्रिगेडियर मुकेश जोशी हत्याकांड के बाद देर रात तक खुलने वाले बारों और पबों पर निगरानी बढ़ाई गई थी। इसी क्रम में बार-पब का संचालन रात 11 बजे तक ही करने के निर्देश दिए गए थे। मगर इस घटना ने पुलिस महकमे पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

इधर, जन संघर्ष मोर्चा ने पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि राजपुर रोड स्थित रोमियो लेन बार कथित रूप से रोजाना निर्धारित समय सीमा के बाद भी देर रात तक संचालित होता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि बार लगातार नियमों के विरुद्ध चल रहा है, तो यह बिना किसी संरक्षण के संभव नहीं है। नेगी ने मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की।

नेगी ने कहा कि शनिवार रात पुलिस टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी, लेकिन वहां वरिष्ठ अधिकारी के पहुंचने से कार्रवाई प्रभावित हुई। उनका कहना है कि यह अनुशासन और कानून व्यवस्था दोनों के लिहाज से गंभीर विषय है।

मोर्चा ने सरकार से मांग की है कि संबंधित बार की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जाए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को सार्वजनिक स्तर पर उठाया जाएगा।

भाकपा (माले) के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने “X” पर अपनी पोस्ट में लिखा है कि उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ये कौन आईजी साहब हैं, जिन्होंने रात 11 बजे बार बंद करने के नियम का अनुपालन देहरादून की पुलिस को नही करने दिया? उन्होंने पुलिस महानिदेशक को उक्त अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा कि अगर इस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तो यह माना जाएगा कि नियम-कानून की धज्जियां उड़ाने वाले को राज्य सरकार और मुख्यमंत्री का संरक्षण है। उन्होंने मुख्यमंत्री से ऐसे बेलगाम अफसरों पर कार्रवाई करने का साहस दिखने को कहा है।