राहुल गांधी बोले – शांति, सुरक्षा की पहचान रहा उत्तराखंड आज हिंसा, हत्या, भय के साये में

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सोमवार सुबह रोड रेज के दौरान हुई फायरिंग में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना की गूंज अब दिल्ली तक पहुंच गई है। कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि देहरादून में मॉर्निंग वॉक पर निकले ब्रिगेडियर जोशी की दिनदहाड़े हत्या यह दर्शाती है कि उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि –
“सरहद पर देश की रक्षा में जीवन समर्पित करने वाले ही आज अपने शहर में ही असुरक्षित हैं – आम नागरिक और कई समुदाय डर कर जीने को मजबूर हैं।
BJP राज में सिर्फ़ अपराधी बेखौफ और महफूज़ है।
कभी शांति और सुरक्षा की पहचान रहा है हमारा उत्तराखंड, आज BJP के ग़ैर-जिम्मेदार नेतृत्व में हिंसा, हत्या और भय के साये में सिमट कर रह गया है।”
रोड रेज से शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, 30 मार्च की सुबह करीब 6:50 बजे राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव में फायरिंग की सूचना मिली। जांच में सामने आया कि मसूरी रोड पर मालसी के पास एक फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो कार में सवार लोगों के बीच ओवरटेक को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद स्कॉर्पियो सवार लोगों ने फॉर्च्यूनर कार का पीछा करते हुए उसके टायरों पर फायरिंग की।
निर्दोष ब्रिगेडियर बने शिकार
इसी दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी (74) को गोली लग गई। उन्हें तुरंत मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद फॉर्च्यूनर कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई, जबकि स्कॉर्पियो सवार लोगों ने कार सवारों के साथ मारपीट कर वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया।
चार आरोपी गिरफ्तार, चार फरार
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें मुख्य आरोपी आदित्य और जेनजी (ZEN-Z) क्लब के मालिक संदीप शामिल हैं। हालांकि, चार अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस ने जिले में नाकेबंदी कर सघन चेकिंग अभियान चलाया और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
जांच में सामने आई पुरानी रंजिश
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि घटना केवल रोड रेज का मामला नहीं थी। दरअसल, 29 मार्च की रात जेनजी (ZEN-Z) बार में बिल को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद बार कर्मचारियों और कुछ युवकों के बीच झगड़ा हुआ। आरोप है कि बार कर्मचारियों ने स्कॉर्पियो कार का शीशा तोड़ दिया था। इसके बाद आरोपियों ने बदला लेने की योजना बनाई और अगले दिन पीछा कर फायरिंग की।
भ्रम फैलाने की कोशिश नाकाम
प्रारंभिक जांच में आरोपियों ने घटना को रोड रेज बताने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सख्त पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई। घटना में प्रयुक्त हथियारों को आरोपियों ने झाड़ियों में फेंक दिया था, जिन्हें बरामद करने के प्रयास जारी हैं।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। एक पूर्व सैन्य अधिकारी की दिनदहाड़े हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
