IIM काशीपुर में जुटे देश-विदेश के विशेषज्ञ, डिजिटल लाइब्रेरी पर फोकस

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उत्तराखंड स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान, काशीपुर (IIM Kashipur) में गुरुवार को एशियन लाइब्रेरीज़ के 9वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (ICAL 2026) का भव्य शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय यह सम्मेलन 18 अप्रैल तक चलेगा। “विकसित होती सूचना परिदृश्य: पुस्तकालयों को भविष्य के लिए तैयार करना” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन का आयोजन एशियन लाइब्रेरी एसोसिएशन, नई दिल्ली के सहयोग से किया जा रहा है। देश-विदेश से आए पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विशेषज्ञ इसमें भाग ले रहे हैं।

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि आज के डेटा-आधारित शासन और सूचना विस्फोट के दौर में पुस्तकालयों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक पुस्तकालय अब केवल पुस्तकों के भंडार नहीं रह गए हैं, बल्कि वे डिजिटल ज्ञान केंद्रों में परिवर्तित हो रहे हैं, जहां ई-लाइब्रेरी, डिजिटल आर्काइव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सूचना सेवाएं तेजी से विकसित हो रही हैं।

उन्होंने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा—तक्षशिला और नालंदा जैसे ऐतिहासिक विश्वविद्यालयों—का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक पुस्तकालयों को भी उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए तकनीकी रूप से सशक्त और सर्वसुलभ बनाना होगा। उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा पुस्तकालय अवसंरचना को मजबूत करने, डिजिटल संसाधनों के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों तक ज्ञान पहुंचाने के प्रयासों की जानकारी भी साझा की।

सम्मेलन के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्रों में डिजिटल लाइब्रेरी मैनेजमेंट, ओपन एक्सेस रिसोर्सेज, रिसर्च डेटा मैनेजमेंट, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा, सूचना तक समान पहुंच, साइबर सुरक्षा, और ज्ञान के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।

यह सम्मेलन पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र में नई तकनीकों, नीतियों और नवाचारों को साझा करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहा है, जिससे शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

इस अवसर पर आईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी, कुमाऊं मंडल आयुक्त दीपक रावत, ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, एशियन लाइब्रेरी एसोसिएशन के अध्यक्ष आर. के. शर्मा तथा आईआईएम काशीपुर की पुस्तकालय समिति के अध्यक्ष प्रो. ए. वी. रमण सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि ICAL 2026 जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन न केवल पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण को गति देंगे, बल्कि शिक्षा और शोध के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को भी मजबूत करेंगे। इससे भारत में ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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