उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट के बीच झमाझम बारिश, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी

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भारत मौसम विज्ञान विभाग के तहत मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान एक बार फिर सटीक साबित हुआ है। विभाग ने मंगलवार को जारी ऑरेंज अलर्ट के अनुसार पूरे उत्तराखंड में व्यापक बारिश दर्ज की जा रही है। रात से शुरू हुई बारिश बुधवार सुबह तक कई जिलों में जारी रही।
पहाड़ से मैदान तक मौसम का असर
राज्य के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में मौसम का असर देखा गया। उत्तरकाशी से लेकर ऊधम सिंह नगर तक बारिश का दौर जारी है। राजधानी देहरादून में मंगलवार देर शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश का क्रम अभी तक रुक-रुक कर बना हुआ है। अप्रैल माह में इस प्रकार की ठंड और वर्षा से लोग आश्चर्यचकित हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस मौसम में इस तरह की बारिश पहले कम ही देखने को मिली है।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी
पर्वतीय जिलों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो रही है। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धामों में बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और ठंड बढ़ गई है।
किसानों पर बेमौसम बारिश की मार
इस बेमौसम बारिश का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलें बारिश से प्रभावित हुई हैं। कई किसानों ने कटाई के बाद फसल खेतों में ही रखी थी, जो अचानक हुई बारिश से भीग गई। खेतों में जलभराव और लगातार रिमझिम बारिश से फसल की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
9 अप्रैल के लिए येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने 9 अप्रैल के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके तहत उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है, जबकि अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं, जबकि मैदानी क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
13 अप्रैल तक ऐसा रहेगा मौसम
विभाग के अनुसार 10 से 13 अप्रैल तक मौसम का यही रुख बना रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के मुताबिक इस दौरान प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में आंशिक से लेकर सामान्यतः बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा जारी रह सकती है, जबकि 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी होने की संभावना है। मैदानी जिलों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने के साथ बीच-बीच में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है।
तापमान में उतार-चढ़ाव और सलाह
अगले एक से दो दिनों में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने के आसार हैं, जिससे ठंड का असर फिर बढ़ेगा, खासकर सुबह और रात के समय सर्दी महसूस की जाएगी। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और मौसम के साफ होने के साथ तीन से चार दिनों में तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इस दौरान दिन में धूप निकलने से तापमान तेजी से बढ़ेगा, हालांकि पहाड़ी क्षेत्रों में ठंडी हवाओं का असर बना रह सकता है। मौसम विभाग ने किसानों और आम जनता को बदलते मौसम के मद्देनजर सतर्क रहने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
