प्रतिनियुक्ति व संविदा नियुक्तियों पर बीकेटीसी में बवाल, कार्मिकों ने दी प्रबंधन को चेतावनी

कर्मचारी संघ ने लगाया अस्थायी कार्मिकों के शोषण का आरोप
श्री बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) में रिक्त पड़े पदों को प्रतिनियुक्ति अथवा संविदा के माध्यम से भरे जाने के प्रयासों पर कर्मचारी संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। श्री बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति कर्मचारी संघ ने इस प्रक्रिया पर शीघ्र रोक लगाने की मांग की है।
कर्मचारी संघ ने लिखा बीकेटीसी अध्यक्ष को पत्र
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह बिष्ट द्वारा बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को प्रेषित पत्र में कहा गया है कि मंदिर समिति में लंबे समय से कर्मचारियों की पदोन्नति और एसीपी लंबित है, जिस पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसके बावजूद बीकेटीसी द्वारा रिक्त पदों को संविदा अथवा प्रतिनियुक्ति से भरने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जो वर्तमान कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है।
प्रतिनियुक्ति व संविदा पर नियुक्तियों का विरोध
पत्र में उल्लेख किया गया है कि बीकेटीसी की ओर से 16 जनवरी को एक विज्ञप्ति जारी की गई, जिसमें विभिन्न पदों पर प्रतिनियुक्ति अथवा संविदा के माध्यम से नियुक्ति हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किये गए हैं। विज्ञप्ति में सहायक अभियंता और सहायक लेखाकार के पदों पर भी प्रतिनियुक्ति/संविदा के माध्यम से नियुक्ति का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि इन पदों पर पहले से ही मंदिर समिति के अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यरत हैं।
कर्मचारी संघ का तर्क है कि जब तक विभागीय प्रोन्नति की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक इन पदों पर बाहरी नियुक्तियां करना न्यायोचित नहीं है। संघ पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों द्वारा कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद विभाग ने पदोन्नति और वेतन विसंगतियों को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की।

अस्थायी कार्मिकों के शोषण का आरोप
संघ के अनुसार, बीकेटीसी में 10–15 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों का वेतन ढांचा अभी भी काफी कम है। वहीं दूसरी ओर वर्ष 2025 में आउटसोर्स के माध्यम से लिए गए PRD कर्मचारियों को अधिक मानदेय दिया जा रहा है। आरोप लगाया गया है कि अस्थायी कार्मिकों का मनोबल बढ़ाने के बजाय उनका शोषण किया जा रहा है।

वेदपाठी पद पर नियुक्ति और नियमावली में हो संशोधन
कर्मचारी संघ ने बदरीनाथ धाम में रिक्त पड़े वेदपाठियों के पदों नियुक्ति का मामला भी उठाया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में वेदपाठी पद पर नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी हुई थी। मगर इन पदों पर अभी तक स्थायी नियुक्ति नहीं हो पाई है।
कर्मचारी नेताओं ने मांग की है कि बीकेटीसी की सेवा नियमावली में आवश्यक संशोधन कर पहले कर्मचारियों की पदोन्नति, एसीपी और अन्य लंबित मांगों का निस्तारण किया जाए। इसके बाद ही किसी प्रकार की नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए।
प्रबंधन को चेतावनी
कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो अपने अधिकारों की रक्षा के लिए उन्हें जरुरी कदम उठाने को बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बीकेटीसी प्रबंधन, शासन व प्रशासन की होगी।
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