कांग्रेस विधायक ने विधान सभा गेट पर पलटी गन्ने की ट्रॉली, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

महिला आरक्षण पर बुलाए गए उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र से पहले मंगलवार को मुख्य द्वार पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब हरिद्वार जनपद से कांग्रेस विधायक वीरेन्द्र जाती किसानों के मुद्दे पर गन्ने से भरी ट्रॉली लेकर विधान सभा गेट तक पहुंचे और मुख्य द्वार के बाहर उसे पलट दिया।
विधान सभा के एक दिवसीय विशेष सत्र को लेकर सरकार ने सुरक्षा को लेकर खास व्यवस्था की थी। मगर विधायक के ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर विधानसभा गेट तक पहुंचना और इसे वहां पलट देना सुरक्षा में भारी चूक मानी जा रही है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़क पर गन्ना फैल जाने से कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करते हुए रास्ता साफ कराया।
दरअसल, विधानसभा में महिला आरक्षण,नारी सम्मान और लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी जैसे अहम विषयों पर एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया था। लेकिन सत्र शुरू होने से पहले ही बाहर किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा छा गया।
झबरेड़ा से विधायक वीरेन्द्र जाती ने कहा कि राज्य के गन्ना किसान लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इकबालपुर शुगर मिल पर किसानों का करीब 110 करोड़ रुपये बकाया है, जिससे किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
वीरेन्द्र जाती ने कहा कि उनका मकसद सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना नहीं, बल्कि किसानों की आवाज सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक किसानों का बकाया भुगतान नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, इस घटना के बाद विधानसभा परिसर के बाहर राजनीतिक माहौल गरमा गया। विपक्ष ने इसे किसानों की पीड़ा बताया, जबकि सत्तापक्ष ने विरोध के तरीके पर सवाल खड़े किए।
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