एक मां की जिद ने पुलिस को दिखाया आईना, खुद जांच अधिकारी बन बेटे की मौत की कहानी सुलझाई

A mother's quest for justice

एक मां की जिद ने सिस्टम को न केवल आईना दिखा दिया, बल्कि उत्तराखंड पुलिस के संवेदनहीन व लापरवाह रवैये को एक बार फिर उजागर कर दिया। पुलिस के रुख से निराश-हताश मां ने अपनी लाचारी को किनारे फेंक पेशेवर जांच अधिकारी की तरह डेढ़ साल तक खुद ही तथ्यों की छानबीन कर अपने बेटे की मौत की कहानी सुलझाई।

यह कहानी है देहरादून के सहस्रधारा रोड निवासी ललिता चौधरी की। ललिता की जिंदगी 16 फरवरी 2024 को हमेशा के लिए बदल गई। उस दिन उनका 18 वर्षीय बेटा क्षितिज चौधरी काम के सिलसिले में प्रेमनगर की तरफ गया था। प्रेमनगर क्षेत्र में सुविधा स्टोर के पास पैदल चल रहे क्षितिज को तेज रफ्तार डंपर ने पीछे से टक्कर मार दी।

हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। क्षितिज सड़क पर 45 मिनट तक तड़पता रहा, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। आखिरकार एंबुलेंस आई, उसे अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों को उसका एक पैर काटना पड़ा, लेकिन 17 फरवरी को उसकी मौत हो गई।

ललिता चौधरी ने तुरंत पुलिस से गुहार लगाई। लेकिन पुलिस ने केस दर्ज करने में आनाकानी की। 16 फरवरी को हादसा हुआ, 19 फरवरी को एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने के बाद भी डंपर चालक को पकड़ने में नाकाम रही। ललिता ने बार-बार थाने के चक्कर काटे, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

पुलिस ने क्षितिज को कुचलने वाले डंपर का पता लगाने के बजाय अक्टूबर, 2024 में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगा दी।

ललिता चौधरी ने हार नहीं मानी। उन्होंने खुद डेढ़ साल से ज्यादा समय तक सड़कों पर उतरकर खुद जांच शुरू की। उन्होंने घटनास्थल के आसपास के 100 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले, डंपर का नंबर ट्रेस किया, चालक का पता लगाया और सबूत जुटाए।

ललिता ने बताया कि उनका बेटा पैदल जा रहा था, डंपर ने पीछे से टक्कर मारी और भाग गया। हादसे के बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ने की बजाय उन्हें ही चक्कर काटने पर मजबूर किया।

सबूत जुटाने के बाद सोमवार को ललिता ने देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई। एसएसपी डोबाल ने बताया कि महिला की शिकायत सुनने के बाद प्रकरण में दोबारा जांच करने के निर्देश थाना प्रभारी प्रेमनगर को दिए गए हैं। महिला की ओर से जो सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्य उपलब्ध कराए गए हैं, उनकी जांच की जाएगी।

इस मामले में जो भी आरोपी होगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में विवेचक की लापरवाही मिलेगी तो उसके विरुद्ध भी कार्रवाई होगी।