अंकिता भंडारी हत्याकांड : जांच में देरी से आक्रोशित सुराज सेवा दल का CBI कार्यालय पर हंगामा

सीबीआई कार्यालय के गेट पर चढ़ते प्रदर्शनकारी
कथित वीआईपीयों को बचाने का आरोप
कांग्रेस की निष्क्रियता पर भी उठाए सवाल
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में सीबीआई जांच में देरी पर आक्रोशित सुराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने राजधानी देहरादून स्थित सीबीआई कार्यालय के बाहर हंगामा कर जोरदार प्रदर्शन किया। दल से जुड़े कार्यकर्ता सरकार और जांच एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीबीआई कार्यालय के गेट पर चढ़ गए।
इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए दल के अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि सीबीआई जांच के आदेश हुए तीन महीने हो गए हैं। मगर अभी तक जांच का कोई अता-पता नहीं है। सीबीआई में जांच अधिकारी कौन है? कुछ भी स्पष्ट नहीं है।
जोशी ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपीयों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक कथित वीआईपी सहारनपुर का है और एक वीआईपी दिल्ली का है। इन वीआईपीयों के कारण हमारी बहन-बेटी अंकिता भंडारी को अपनी जान गंवानी पड़ी।
उन्होंने कथित वीआईपीयों को सजा देने की मांग की। उन्होंने इस मामले में कांग्रेस पर भी निष्क्रियता का आरोप लगाया। कहा कि जब तक दोषियों को कठोर सजा नहीं मिलती, संगठन का आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदेश महामंत्री देवेंद्र बिष्ट ने जांच में देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई चाहती है। वहीं प्रदेश प्रवक्ता बीरेंद्र पाल सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सीबीआई जांच शुरू नहीं हुई तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और व्यापक किया जाएगा।
महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्षा कावेरी जोशी ने इस घटना को महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के साथ कथित वीआईपीयों की पहचान सार्वजनिक करने की उठाई मांग
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजते हुए मामले की त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने की मांग की। इस दौरान जिला अध्यक्ष सुमित अग्रवाल, विपिन, अमित अग्रवाल, सागर वर्मा, कमल ध्यानी आदि मौजूद रहे।
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