संसद में उठा अंकिता भंडारी मामला, सपा सांसद डिंपल यादव ने भाजपा महिला सांसदों पर साधा निशाना

dimple-yadav-sp

संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चल रही चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद Dimple Yadav ने उत्तराखंड के चर्चित Ankita Bhandari murder case का मुद्दा उठाते हुए महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में 19 साल की अंकिता भंडारी को मार दिया गया। मगर भाजपा की एक भी सांसद ने संसद में आवाज नहीं उठाई।

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर पेश किए गए संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान शुक्रवार को डिंपल यादव ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के हाथरस कांड, अंकिता भंडारी हत्याकांड और मणिपुर की घटनाओं का जिक्र किया।

उन्होंने सत्ता पक्ष की महिला सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब विपक्ष का कोई सांसद कविता पढ़ता है तो भाजपा की महिलाएं खड़ी हो जाती हैं, लेकिन मणिपुर की बेटियों या अंकिता भंडारी के साथ हुई दरिंदगी पर वे मौन रहती हैं।

डिंपल ने पुरुष सांसदों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि उनसे तो वह अपेक्षा नहीं रखती हैं, किंतु महिला सांसदों से तो उम्मीद करती हैं कि वो महिलाओं के लिए तो खड़ी हों।

उन्होंने कहा कि 2023 में ही महिला बिल पास हो गया था लेकिन उसके बाद जनगणना का कोई काम नहीं हुआ। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा के लिए महिला आरक्षण केवल एक ‘मुखौटा’ है, जबकि असली मकसद परिसीमन के बहाने सत्ता से चिपके रहना है।

डिंपल यादव ने कहा कि भाजपा को सत्ता से इतना मोह हो गया है कि वह इसे छोड़ना नहीं चाहती। उन्होंने पूछा कि अगर सरकार गंभीर थी, तो 2024 में सत्ता में आने के तुरंत बाद जनगणना क्यों नहीं शुरू कराई गई? डिंपल ने कहा, “आप जान बूझकर जनगणना से भाग रहे हैं, क्योंकि जनगणना हो जाती तो आज हम आरक्षण लागू करने की स्थिति में होते।”

उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और शहीद परिवारों की अनदेखी का भी आरोप लगाया।